NICE SAYING IMAGE


NICE SAYING IMAGE 
PAGE- 1

तनहा  से थे जब भीड़ में
 सोचा कोई अपना नहीं तक़दीर में 
आप जैसा दोस्त पाकर लगा 
कुछ खास था हाथो की लकीरों में 




बेशक पलट कर देख
 वो बिता हुआ कल है 
पर बढ़ना तो उधर ही है
 जहाँ आने वाला कल है 



गुजर जायेगा ये दौर भी 
जरा सा इत्मिनान तो रख 
जब खुशिया ही नहीं ठहरी 
तो गम की क्या बिसात है 



बेशक पलट कर देख
खुशनसीब वो नहीं
जिसका नसीब अच्छा है
बल्कि खुशनसीब वो है
जो अपने नसीब से खुश है






No comments:

Post a Comment